जाने भारत कजाकिस्तान सैन्य अभ्यास काज़िन्द 2019 भारत के लिए कितना है महत्वपूर्ण
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारत कजाकिस्तान सैन्य अभ्यास शुरू हो गया है। यह सैन्य अभ्यास 3 अक्टूबर से लेकर 14 अक्टूबर तक चलने वाला है । गौरतलब है कि भारत और कजाकिस्तान के बीच हो रहे संयुक्त सैनिक अभ्यास को काज़िन्द 2019 का नाम दिया गया है । ऐसा माना जा रहा है कि इस संयुक्त सेना अभ्यास में दोनों देशों के तकरीबन साठ साठ सैनिकों की टुकड़िया हिस्सा ले सकती हैं ।
राष्ट्रगान से हुई काज़िन्द 2019 की शुरुआत
भारत कज़ाकिस्तान सैन्य अभ्यास बृहस्पतिवार से शुरु हो चुका है । यह सैन्य अभ्यास पिथौरागढ़ के मैत्री मैदान में शुरू हुआ है । गौरतलब है कि मैत्री मैदान में सबसे पहले भारत और कज़ाकिस्तान देश के जवानों की टुकड़ियों ने सर्वप्रथम परेड में हिस्सा लिया । इसके पश्चात उन्होंने सेना मेडल ब्रिगेडियर एसके मंडल के द्वारा परेड की सलामी भी ली गई । वहीं भारतीय सेना की परेड का नेतृत्व टू राजपूत के सी ओ कर्नल एके बहेरा ने किया । इसके साथ ही कजाकिस्तान के परेड का नेतृत्व कैप्टन नईम ने किया ।

भारत कज़ाकिस्तान सैन्य अभ्यास की शुरुआत के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय गान को गाया गया । जिसके बाद दोनों देशों के ब्रिगेडियर ने इस संयुक्त अभ्यास में हिस्सा लेने वाले सैनिकों को संबोधित किया । इसके साथ ही भारत देश के ब्रिगेडियर ने कजाकिस्तान के सैनिकों का और अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के जवान अपने-अपने युद्ध कला के साथ-साथ अपने विचारों और नवीन तकनीकों को साझा कर आने वाले समय में युद्ध रणनीति बनाने में सफल होंगे ।
15 अक्टूबर को होगा काजिंद 2019 का समापन
अभ्यास 3 अक्टूबर से लेकर 14 अक्टूबर तक चलेगा । इस समय अंतराल में संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान भाग लेने वाले सैनिकों को विस्फोटकों को डिफ्यूज करना , रॉक क्लाइंबिंग और इसके साथ ही आतंकियों से निपटने की नवीनतम तकनीक भी सिखाई जाएगी । इसके साथ ही उसका अभ्यास भी कराया जाएगा । गौरतलब है कि भारत कजाकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास में हथियारों और उपकरणों की भी प्रदर्शनी लगाई गई । इस दौरान दोनों देशों ने अपने देश के हथियारों के प्रयोग करने की जानकारी भी दी साथ ही साथ हथियारों और उपकरणों में पप्रयोग हुई नवीनतम तकनीक के बारे में भी बताया ।

